कहानी: "हौसलों की उड़ान"PART -IV

हौसले की उड़ान - भाग 4

धनुष की टीम का निर्णायक मुकाबला



धनुष और उसकी टीम के लिए आज का मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण था क्योंकि उनकी मुश्किलें बढ़ चुकी थीं। पहले ही एक मैच हार चुके थे, और अगर आज का मुकाबला भी हार जाते, तो उन्हें टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता देखना पड़ता। उनकी सारी मेहनत और सपना पानी में मिल जाता।

आज की कहानी की शुरुआत होती है जब सुबह से ही एक बड़ी समस्या ने दस्तक दी—बारिश। नवंबर का महीना था और बारिश के साथ ठंड भी बढ़ गई थी। मैदान गीला हो चुका था, और टीम के खिलाड़ियों के पास अच्छे जूते या गर्म कपड़े नहीं थे। धनुष की चिंता और भी बढ़ गई थी।

सुबह जल्दी धनुष, राहुल और राजीव मैदान पर पहुँचे और देखने लगे कि मैच हो पाएगा या नहीं। थोड़ी देर बाद पता चला कि खेल 10 बजे से शुरू होगा और 5 ओवर घटा दिए गए थे। धनुष और उसकी टीम के सभी सदस्य अब बातचीत करने लगे कि उन्हें आज किस रणनीति के साथ खेलना है। राजीव ने सुझाव दिया कि अगर टॉस जीतते हैं तो पहले बल्लेबाजी करें, क्योंकि अब तक वे पहले गेंदबाजी ही करते आए थे। टीम ने इस निर्णय पर सहमति जताई।

इसके बाद सभी नाश्ता करने चले गए। मैदान में विशाल घंटी बजने के बाद दोनों टीमों के कप्तानों को बुलाया गया और टॉस किया गया। दुर्भाग्य से, धनुष टॉस हार गया। विरोधी टीम के कप्तान ने पहले बल्लेबाजी का मौका धनुष की टीम को दे दिया।

धनुष और राहुल ओपनिंग के लिए मैदान में उतरे। विरोधी टीम के स्ट्राइक गेंदबाज ने पहली गेंद फेंकी और राहुल के चेहरे के सामने से निकल गई। गेंद काफी तेज थी, लेकिन राहुल ने हिम्मत नहीं हारी। एक-एक कर ओवर समाप्त होते गए, और धीरे-धीरे धनुष और राहुल ने रनों की बौछार शुरू कर दी। 10 ओवरों के बाद टीम का स्कोर 110 रन पर पहुंच चुका था

इन्निंग्स ब्रेक के बाद धनुष और राहुल ने खेल फिर से शुरू किया। धनुष ने अपनी अर्धशतक पूरी की, और राहुल भी 50 रन का आंकड़ा छू चुके थे। लेकिन तभी एक गलती हुई और धनुष रन आउट हो गया। हालाँकि, किसी को भी निराशा नहीं हुई, क्योंकि धनुष ने अद्भुत खेल दिखाया था। इसके बाद, बोडोका ने केवल 20 गेंदों में 54 रन बनाकर टीम के स्कोर को और ऊँचाई पर पहुँचाया। टीम का कुल स्कोर 209 रन पर पहुँच गया था, जो अब तक के टूर्नामेंट का सबसे अच्छा स्कोर था।

विरोधी टीम हालांकि अनुभवी थी और उन्हें यह स्कोर छोटा लग रहा था।


अब देखना यह था कि धनुष की टीम क्या इस स्कोर का बचाव कर पाएगी और सेमी-फाइनल में जगह बना पाएगी?

जाने बाकी की कहानी अगले भाग में।


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