"चुड़ैल का प्यार"

 कहानी: "चुड़ैल का प्यार"


एक छोटे से गांव में रवि नाम का एक लड़का रहता था। वह बेहद सीधा-सादा, ईमानदार और मेहनती था। उसकी जिंदगी में बस काम और घर था। एक दिन जब रवि खेतों से लौट रहा था, उसे जंगल के रास्ते पर एक लड़की मिली। लड़की खूबसूरत थी, उसकी आंखों में एक अजीब सी चमक थी। वो अकेली खड़ी थी, घबराई हुई लग रही थी। रवि ने सोचा कि वो रास्ता भटक गई होगी, इसलिए उसने मदद की पेशकश की।

लड़की ने अपना नाम सारा बताया और कहा कि वो गांव में नई आई है। रवि और सारा की मुलाकातें धीरे-धीरे प्यार में बदलने लगीं। रवि को ऐसा लगने लगा जैसे उसकी जिंदगी में रोशनी आ गई हो। सारा उसकी जिंदगी का हिस्सा बन गई थी, और दोनों का रिश्ता गहरा होता गया। पर रवि को ये नहीं पता था कि सारा कोई आम लड़की नहीं, बल्कि एक चुड़ैल थी।

एक दिन गांव के कुछ बुजुर्गों ने रवि को चेतावनी दी, "तू जिस लड़की से मिल रहा है, वो कोई इंसान नहीं, चुड़ैल है। छोड़ दे उसे वरना तुझे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।" रवि ने उन सबकी बातों को हंसी में उड़ा दिया। उसे यकीन था कि उसका प्यार सच्चा है और सारा किसी चुड़ैल जैसी नहीं लगती।

लेकिन फिर एक रात, रवि ने सारा को उसके असली रूप में देख लिया। उसकी आंखें जलती हुई अंगारों की तरह लाल थीं, उसके हाथ नुकीले और भयानक थे। रवि के होश उड़ गए, उसका दिल धक-धक करने लगा, लेकिन उसकी आँखों में सारा के लिए प्यार अब भी था।

सारा ने रवि को सच बताया। वो एक श्रापित आत्मा थी, जिसे इंसान से प्यार करने की इजाजत नहीं थी। जो भी उससे प्यार करता, उसकी मौत निश्चित थी। रवि को ये सुनकर सदमा लगा, पर फिर भी उसने सारा को छोड़ने से मना कर दिया। उसने कहा, "मैं तुमसे प्यार करता हूँ, चाहे तुम जो भी हो। मैं तुम्हें नहीं छोड़ सकता।"

गांव वाले बार-बार रवि को समझाते रहे, पर वो किसी की नहीं सुनता। सारा ने भी उसे कई बार कहा कि वो उसे छोड़ दे, पर रवि अपने प्यार पर अडिग था।

और फिर एक रात, वो हो गया जिसका डर था। रवि की सांसें धीमी पड़ने लगीं, उसका शरीर ठंडा हो गया। सारा उसकी बाहों में थी, रो रही थी, चिल्ला रही थी, पर कुछ नहीं कर पा रही थी। रवि ने अपने आखिरी शब्दों में कहा, I love ❤ you Sara "मैंने तुमसे प्यार किया है और करता रहूंगा, चाहे मैं रहूं या ना रहूं।" और फिर रवि की जान चली गई।

लेकिन जैसे ही रवि की आत्मा ने शरीर छोड़ा, सारा का श्राप टूट गया। उसकी आत्मा भी आज़ाद हो गई। अब वो चुड़ैल नहीं रही, बल्कि एक इंसान की आत्मा के साथ हमेशा के लिए जुड़ गई। दोनों की आत्माएं अब एक-दूसरे के साथ थीं, हमेशा के लिए मुक्त, किसी श्राप से नहीं, किसी बंधन से नहीं।

गांव वालों ने जब रवि को मरा हुआ पाया, तो उन्होंने अफसोस जताया, पर वे ये नहीं समझ पाए कि रवि ने सचमुच अपने प्यार से सारा को आज़ाद कर दिया था।

रवि और सारा की प्रेम कहानी अब अमर हो गई थी। वे दोनों भले ही इस दुनिया में न रहे हों, लेकिन उनकी आत्माएं हमेशा साथ रहेंगी, प्यार और मुक्ति के बंधन में।


समाप्त।


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