अमर प्रेम का शापित मिलन

 अमर प्रेम का शापित मिलन



रवि एक सीधा-सादा, मेहनती और नेकदिल युवक था। उसने कभी किसी का बुरा नहीं किया, हमेशा सही रास्ते पर चलने की कोशिश की। बचपन से ही उसका यही स्वभाव था कि वह कभी किसी गलत राह पर नहीं चला। हालांकि, उसकी मेहनत के बावजूद उसे कभी वो सफलता नहीं मिली, जिसका वो हक़दार था। उसके पास जरूरत की हर चीज़ थी, फिर भी जीवन में कुछ कमी का एहसास उसे हमेशा सताता था। आसपास के सभी लोग अपने-अपने प्रेम संबंधों में व्यस्त थे, लेकिन रवि अब तक अकेला था। उसे जब भी कोई लड़की पसंद आती, तो वह या तो उसे ठुकरा देती, या किसी और के साथ जुड़ी होती।

एक दिन उस शहर में एक नई लड़की आई। उसका नाम था मीरा। वह इतनी खूबसूरत थी कि उसके आते ही पूरा शहर उसकी खूबसूरती का दीवाना हो गया। हर कोई उसकी दोस्ती चाहता था। रवि भी उसकी ओर आकर्षित हुआ, परंतु हिम्मत नहीं जुटा पाया कि उससे बात कर सके। उसे डर था कि कहीं वह उसे भी ठुकरा न दे। मीरा के आने के बाद से शहर में अजीब-अजीब घटनाएं घटने लगी थीं। लोग रहस्यमयी तरीकों से गायब हो रहे थे, और किसी को समझ नहीं आ रहा था कि यह सब क्यों हो रहा है।

एक शाम रवि अकेले अपने विचारों में खोया सड़क पर जा रहा था कि अचानक मीरा ने उसे आवाज़ दी। उसने कहा, "सब मेरे पीछे हैं, लेकिन तुम हो जो मुझसे बात भी नहीं करते। क्या बात है?" रवि हिचकिचाते हुए चुप रहा और बिना कुछ कहे वहां से चला गया। मीरा को इस बात पर गुस्सा आ गया कि आखिर यह लड़का उसे क्यों नजरअंदाज करता है। वह रवि को अपने जाल में फंसाने की ठान लेती है।

काफी दिनों तक यही चलता रहा। एक दिन रवि ने हिम्मत करके मीरा से अपने दिल की बात कह दी, "मुझे तुमसे बहुत प्यार है, पर मैं डरता था कि कहीं तुम मुझे ठुकरा न दो।" मीरा मुस्कुराई और जवाब दिया, "मुझे तुम्हारा प्यार स्वीकार है।" लेकिन उसके मन में कोई और ही योजना थी। दरअसल, मीरा कोई साधारण लड़की नहीं थी, बल्कि एक खूंखार वैम्पायर थी, जो इंसानों का खून पीकर जीवित रहती थी। उसने तय कर लिया था कि वह रवि को भी वैम्पायर बनाएगी।

कुछ समय बाद रवि को मीरा के असली रूप का अंदाजा होने लगा। उसने महसूस किया कि मीरा कभी दिन के उजाले में बाहर नहीं निकलती और हमेशा काले कपड़े पहनती है। एक दिन उसने मीरा का पीछा किया और देखा कि वह एक सुनसान जगह पर किसी व्यक्ति का खून पी रही है। यह देखकर रवि को बहुत धक्का लगा। वह जान गया कि मीरा एक वैम्पायर है। उसने मीरा का सामना किया और उससे सवाल किया, "तुम एक वैम्पायर हो, फिर भी मैंने तुमसे प्यार किया।"

मीरा ने मुस्कुराते हुए कहा, "अगर तुम मुझसे सच्चा प्यार करते हो तो क्या तुम मेरे साथ वैम्पायर बनना चाहोगे?" रवि को अपने प्रेम के सामने यह सवाल छोटा लगा। उसने हामी भर दी। मीरा ने रवि के गले पर अपने दांत गड़ा दिए और उसे वैम्पायर बना दिया। अब दोनों एक जैसे हो गए थे। उनका प्यार अमर हो चुका था और वह हमेशा के लिए एक-दूसरे के हो गए थे।

कुछ वर्षों बाद उनके जीवन में एक नया अध्याय जुड़ा। उनका एक बेटा हुआ जो उनके अटूट प्रेम का प्रतीक था। अब मीरा और रवि ने अपने अमर जीवन में इस नए साथी के साथ खुशियों से दिन बिताने लगे। उनका प्रेम सचमुच अमर था, और उन्होंने एक-दूसरे के साथ एक शापित लेकिन अद्भुत प्रेम कहानी रच डाली।

इस तरह उनका प्रेम जीवन के हर बंधन और समाज के नियमों से परे था। वे हमेशा के लिए एक-दूसरे के हो गए, और यह प्रेम कहानी सच में अमर हो गई।

By GKp

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