सच्चा साथी वही, जो हर हाल में साथ दे"

"सच्चा साथी वही, जो हर हाल में साथ दे"



कहानी:

गाँव का एक लड़का था, जिसका नाम था राजू। वह बहुत गरीब परिवार से था। राजू की माँ कई साल पहले गुजर चुकी थी, और उसके पिता मजदूरी करके घर चलाते थे। बचपन से ही राजू ने गरीबी के कारण बहुत कठिनाइयों का सामना किया था, लेकिन उसके सपने हमेशा बड़े थे। उसे यकीन था कि एक दिन वह अपनी मेहनत से अपनी और अपने परिवार की जिंदगी बदल देगा।

राजू पढ़ाई में बहुत अच्छा था, और इसी वजह से गाँव के मास्टरजी भी उसे बहुत मानते थे। लेकिन गरीबी के कारण उसे अपने सपनों को पूरा करने के लिए कई बार अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी। बावजूद इसके, उसने कभी हार नहीं मानी और जहाँ तक संभव होता, मेहनत करता रहा। गाँव के बाकी लोग उसकी स्थिति देखकर कभी-कभी उसका मजाक उड़ाते थे, लेकिन राजू का इरादा अडिग था।

एक दिन, गाँव में एक मेला लगा था। राजू भी वहाँ घूमने गया था। उसी मेले में शहर की एक अमीर लड़की, जिसका नाम सलोनी था, अपने दोस्तों के साथ आई हुई थी। सलोनी बहुत खूबसूरत थी, और अमीर होने की वजह से उसके पास सभी सुख-सुविधाएँ थीं। जब राजू की नज़र पहली बार सलोनी पर पड़ी, तो वह उसकी खूबसूरती से मोहित हो गया। उसे पहली ही नजर में सलोनी से प्यार हो गया। राजू ने सोचा कि अगर सलोनी उसकी जिंदगी में आ जाए, तो उसकी जिंदगी भी बदल सकती है।

अगले कुछ दिनों में राजू ने कई बार सलोनी से मिलने की कोशिश की, लेकिन हर बार उसे निराशा ही हाथ लगी। सलोनी उसकी गरीबी को देखकर उसे नज़रअंदाज़ कर देती थी। एक बार राजू ने हिम्मत करके सलोनी से बात करने की कोशिश की, तो सलोनी ने उसे ये कहकर दुत्कार दिया कि "तुम जैसे गरीब लड़के मेरे काबिल नहीं हो। मैं तुमसे बात नहीं कर सकती।" सलोनी के इन शब्दों ने राजू के दिल को तोड़ दिया। उसे महसूस हुआ कि समाज में अमीरी और गरीबी की खाई कितनी गहरी है।

सलोनी की इस बेरुखी ने राजू के मन में एक नई आग जगा दी। उसने ठान लिया कि वह खुद को साबित करेगा और अपनी गरीबी को मेहनत के दम पर हराकर दिखाएगा। उसने शहर जाने का फैसला किया, जहाँ उसे अधिक अवसर मिल सकते थे। उसने अपने पिता से शहर जाकर काम करने की इजाजत मांगी और एक छोटी सी रकम लेकर शहर की ओर निकल पड़ा।

शहर में आकर राजू ने कई छोटी-मोटी नौकरियाँ कीं। वह दिन-रात मेहनत करता था, कई बार भूखा भी सोना पड़ता था, लेकिन उसने हार नहीं मानी। उसकी कड़ी मेहनत धीरे-धीरे रंग लाने लगी। उसने अपनी पढ़ाई भी जारी रखी और इसके साथ-साथ एक कंपनी में छोटे पद पर काम भी करने लगा। अपनी लगन और ईमानदारी के चलते राजू ने धीरे-धीरे कंपनी में अपनी जगह बना ली। कुछ ही सालों में उसने खुद को इतना काबिल बना लिया कि उसने अपनी खुद की कंपनी शुरू करने का सपना देखा।

राजू ने अपनी मेहनत के दम पर अपनी कंपनी की शुरुआत की, जो धीरे-धीरे एक सफल कंपनी बन गई। उसकी कंपनी ने बहुत तरक्की की और अब वह एक बड़े बिजनेसमैन बन चुका था। राजू की लगन और मेहनत ने उसे एक छोटे से गाँव के गरीब लड़के से एक कामयाब बिजनेसमैन बना दिया था। अब वह अपने सपने को जी रहा था और अपने परिवार को एक अच्छा जीवन दे रहा था। लेकिन, उसकी जिंदगी में अभी भी एक कमी थी – एक सच्चे साथी की, जो हर सुख-दुख में उसके साथ हो।

एक दिन, एक नौकरी के लिए उसकी कंपनी में इंटरव्यू होने वाला था। कई लोग इंटरव्यू देने आए, उनमें से एक चेहरा ऐसा था जिसे देखकर राजू चौंक गया। वह सलोनी थी, जो अब उसी की कंपनी में मैनेजर के पद के लिए आवेदन करने आई थी। उसे देखकर राजू के मन में बीते दिनों की सारी बातें ताजा हो गईं। उसे वह समय याद आ गया जब सलोनी ने उसकी गरीबी के कारण उसे नज़रअंदाज कर दिया था।

जब इंटरव्यू का समय आया, सलोनी ने देखा कि उसका बॉस वही राजू है जिसे उसने कभी घास नहीं डाली थी। इस बात से वह बहुत शर्मिंदा हुई। उसे अपनी गलती का एहसास हुआ कि उसने सिर्फ राजू की गरीबी देखकर उसे ठुकरा दिया था। आज वही राजू एक सफल और अमीर बिजनेसमैन बन चुका था, और वह खुद उसी के सामने नौकरी के लिए खड़ी थी। सलोनी ने अपनी स्थिति को समझते हुए इंटरव्यू दिया, और राजू ने एक प्रोफेशनल तरीके से उससे बात की। हालाँकि, राजू ने उसे नौकरी पर रख लिया, लेकिन वह जानता था कि अब सलोनी के लिए उसके दिल में कोई खास जगह नहीं बची है।

राजू की जिंदगी में एक और मोड़ तब आया, जब वह राधिका नाम की एक साधारण और गरीब लड़की से मिला। राधिका में एक सच्चाई और सरलता थी, जो किसी को भी प्रभावित कर सकती थी। वह भी एक गरीब परिवार से थी और मेहनत से अपनी जिंदगी को संवारने में लगी थी। उसकी ईमानदारी और सादगी ने राजू का दिल जीत लिया। राधिका ने राजू को दिखा दिया कि सच्चा साथी वही होता है जो हर हाल में साथ दे, चाहे हालात कैसे भी हों।

राजू और राधिका धीरे-धीरे एक-दूसरे के करीब आए और उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई। राजू ने राधिका से शादी कर ली और उसे अपनी जिंदगी का साथी बना लिया। अब

By GKp


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