हौसले की उड़ान - भाग 3 (धनुष और उसकी टीम का संघर्ष)
कहानी: "हौसलों की उड़ान"PART -III
हौसले की उड़ान - भाग 3
धनुष और उसकी टीम का संघर्ष
धनुष की टीम और उसके फैंस आज बहुत खुश थे। सभी दर्शकों को फ़्रेंड XI का खेल बहुत पसंद आया, खासकर धनुष का, जो एक हाथ से दिव्यांग होते हुए भी बेहतरीन बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी करता था। उसके सामने अच्छे-अच्छे खिलाड़ी भी छोटे लगते थे। आज जश्न का माहौल था क्योंकि उन्होंने सबतिपुर XI को हराकर टीम का मनोबल और ऊँचा कर लिया था। लेकिन फिर भी एक डर और चिंता सभी के दिलों में थी क्योंकि टूर्नामेंट का तीसरा मैच बाकी था। ये नई टीम थी, लेकिन उसके खिलाड़ी सबके जाने-पहचाने थे। ये सीनियर XI थी, जिसकी कप्तानी MS दादी कर रहे थे, जो बहुत अनुभवी खिलाड़ी थे और उन्हें पता था कि मैच कैसे जीतना है।
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| Friends xi |
अब धनुष और उसकी टीम को इस मैच के लिए योजना बनानी थी। सभी जश्न खत्म करके अपने-अपने घर चले गए। धनुष ने कहा कि अगले दिन सुबह 8 बजे मैदान में आना और साथ में मैच की योजना भी बनाएंगे। धनुष फ़्रेंड XI का कप्तान था और राजीव उप-कप्तान था। दोनों को पता था कि यह मैच कितना महत्वपूर्ण है। अगर हार गए, तो सबकी उम्मीदों पर पानी फिर जाएगा और मनोबल भी टूट जाएगा।
रात हो गई और सभी घर चले गए, लेकिन धनुष सो नहीं पा रहा था। वह सोच-सोच कर परेशान था। सुबह होने को थी जब धनुष थोड़ा सो गया। फिर सुबह 8 बजे वह मैदान पहुँच गया, जो कि उनके घर के पास का KG स्कूल ग्राउंड था। धीरे-धीरे सभी खिलाड़ी मैदान में पहुँचने लगे, लेकिन राजीव अभी तक नहीं आया था। सभी चिंता करने लगे कि क्या हुआ राजीव को। वह उप-कप्तान होने के साथ-साथ विकेटकीपर भी था। सभी उसका इंतजार कर रहे थे और कल के मैच के बारे में बातें कर रहे थे, कि वह कितना महत्वपूर्ण है। अंततः राजीव आ गया। सभी ने पूछा कि वह देर से क्यों आया। तब राजीव ने बताया कि वह रात भर सो नहीं पाया, मैच को लेकर चिंतित था।
धनुष ने कहा, "कोई दिक्कत नहीं, मैं भी रात भर नहीं सो पाया। आज हम प्रैक्टिस नहीं करेंगे, बल्कि सिर्फ मैच की रणनीति बनाएंगे कि कैसे जीतना है और कैसे खेलना है।" तब राजीव ने सुझाव दिया कि धनुष को कल स्ट्राइक बॉलिंग करनी चाहिए। धनुष ने कहा, "अगर मैं ऐसा करूंगा, तो सब सोचेंगे कि कप्तान है इसलिए खुद सब कुछ कर रहा है—बॉलिंग भी और बैटिंग भी।" लेकिन टीम के सभी खिलाड़ियों ने एकसुर में कहा, "ऐसा कोई नहीं सोचेगा। हम सबकी यही राय है कि तुम ही पहले गेंदबाज़ी और बैटिंग करोगे।"
इसके बाद टीम ने तय कर लिया कि कौन कहां फील्डिंग करेगा, कौन कब बैटिंग करेगा और कौन बॉलिंग करेगा। तभी राहुल ने कहा कि वह ऊपर बैटिंग करने नहीं जाएगा। सभी ने पूछा, "क्यों?" तो उसने कहा, "मुझसे बहुत उम्मीदें हैं, लेकिन मैंने पिछले दो मैचों में कुछ खास नहीं किया। एक में जीरो और दूसरे में 10 रन भी नहीं बना पाया।" तब धनुष, राजीव और पूरी टीम ने उसे समझाया कि "कोई बात नहीं, लोग कुछ भी कहें, हमें पता है कि तुम एक अच्छे बल्लेबाज हो और हमें तुमसे बहुत उम्मीदें हैं।"
अब सभी घर जाने के लिए तैयार थे। सभी ने एक-दूसरे को अगले दिन के लिए शुभकामनाएं दीं। धनुष, राजीव और राहुल तीनों साथ में घर की ओर चल दिए। ये तीनों बहुत अच्छे दोस्त थे, इसलिए टीम का नाम भी 'फ़्रेंड XI' रखा गया था।
रात में तीनों ने फोन पर बात की और तय किया कि अगले दिन मैदान पर समय से पहुँच कर जो करना है, वह करेंगे, लेकिन जीतकर वापस आएंगे और अपनी कॉलोनी का नाम ऊँचा करेंगे।
धनुष अब और चिंतित हो गया। उसने खाना भी नहीं खाया और सो गया। सुबह जब धनुष जागा, तो देखा कि बाहर बारिश हो रही थी। अब वह सोचने लगा कि मैच कैसे होगा, क्योंकि उनकी टीम के पास अच्छे जूते भी नहीं थे, और बारिश के कारण मिट्टी फिसलन भरी हो गई थी। थोड़ी देर में सभी खिलाड़ी मैदान में पहुँच गए। राजीव और राहुल भी यही सोच रहे थे। फिर सभी ने मैदान की ओर रुख किया।



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