प्यार या धोखा (भाग 2) अंधकार की रानी: वैंपायर का श्राप" Ek bootiya kahani
वैंसेन और तानिया: प्यार या धोखा (भाग 2)
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रात का अंधेरा गहराने लगा था। गांव में डर और घबराहट का माहौल था। तीन लड़कों के गायब होने और वैंसेन और उसके साथी पर लगाए गए आरोपों ने गांववालों को उग्र बना दिया था। गांव के मुखिया ने कहा था, "इन दोनों के आने से हमारे तीन लड़के गायब हो गए। ये सब उस खूनी वैंपायर तानिया की वजह से हुआ, और उन्हें यहां लाने वाले की वजह से। हमें इन दोनों को सजा देनी चाहिए।"
गांववालों ने जोश में आकर वैंसेन और उसके साथी को मारने की धमकी दी, तभी वैंसेन का साथी चिल्लाया, "रुक जाओ! अगर तुम हमें मार दोगे, तो उस वैंपायर को कौन पकड़ेगा? कौन तुम्हें उस खतरनाक तानिया से आजाद करेगा? हमारी गलती क्या है? हमें नहीं पता था कि वो लड़की एक वैंपायर है। हमें सोचने दो कि आगे क्या करना है।"
गांववाले थोड़ी देर के लिए शांत हो गए और धीरे-धीरे वहां से चले गए। पर रात होते ही कुछ अजीब सी सरसराहट की आवाजें सुनाई देने लगीं। तभी एक गांववाले को देखा गया कि तानिया उसका खून पी रही थी। वैंसेन तुरंत अपने तरबूज जैसा बड़ा हथियार उठाकर वहां पहुंचा, लेकिन तानिया उसे देख भाग गई। भागते-भागते उसने दो और आदमियों को घायल कर दिया।
वैंसेन ने तानिया की खूबसूरती पर नजर डालते हुए सोचा, "अगर इसे पकड़कर गांववालों को आजाद नहीं किया जा सका, तो शायद प्यार का जाल बिछाना होगा।" उसके मन में एक योजना बन रही थी। उसने तानिया का पीछा किया और अंततः खंडहर तक पहुंच गया, जहां तानिया अकेली नहा रही थी। उसे छिपकर देखते हुए वैंसेन के दिल में अजीब सा लगाव पैदा होने लगा। उसने तानिया से कहा, "मुझे तुमसे प्यार हो गया है। मेरी बात सुनो, मेरे साथ चलो।"
तानिया ने उसकी ओर देखा, उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी। "प्यार?" उसने हल्की हंसी के साथ कहा, "तुम नहीं जानते, प्यार और धोखे में कितना फर्क होता है। तुम जैसे लोग मुझे समझ नहीं सकते।"
वैंसेन ने धीरे से कहा, "मुझे फर्क पता है, लेकिन मुझे तुम्हारे साथ रहना है। क्या तुम इस बुराई की जिंदगी से बाहर आना चाहोगी?"
अब तानिया की बारी थी सोचने की। क्या वो अपने अतीत को छोड़ पाएगी? क्या वो वैंसेन के साथ एक नई जिंदगी की शुरुआत कर पाएगी, या ये सिर्फ एक धोखे का खेल था?
(आगे जारी...)

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